छत्तीसगढ़

बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल: नाव डूबने से लेकर डीप डायविंग रेस्क्यू तक हुए लाइव डेमो

Shantanu Roy
25 Sept 2025 8:08 PM IST
बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल: नाव डूबने से लेकर डीप डायविंग रेस्क्यू तक हुए लाइव डेमो
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Bastar. बस्तर। जिले में मंगलवार को बाढ़ जैसी आपदा से निपटने की तैयारी और जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने नदी और घरों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन का लाइव प्रदर्शन किया। इस मॉक ड्रिल में नाव डूबने पर बचाव, डीप डायविंग रेस्क्यू और घर में जीवनरक्षक उपाय बनाने जैसी तकनीकों को दिखाया गया।
आपदा में तैयारी का महत्व
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि आपदा कब और कैसे आएगी, इसका अनुमान लगाना कठिन होता है। लेकिन यदि पहले से तैयारी और सतर्कता हो, तो बड़े से बड़े संकट का सामना किया जा सकता है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य यही था कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रशासनिक दल और आमजन किस प्रकार सुरक्षित रह सकते हैं।
नाव डूबने की स्थिति में बचाव
लाइव डेमो के दौरान यह दिखाया गया कि यदि बाढ़ की वजह से नाव डूब जाए तो बचाव दल कैसे प्रभावित लोगों को सुरक्षित किनारे तक लाता है। प्रशिक्षित गोताखोर और बचावकर्मी पानी में कूदकर पीड़ितों को बचाने की प्रक्रिया का अभ्यास करते नजर आए।
डीप डायविंग रेस्क्यू
बाढ़ के दौरान गहराई में फंसे लोगों को बचाना सबसे कठिन चुनौती होती है। इसे देखते हुए डीप डायविंग रेस्क्यू का भी लाइव प्रदर्शन किया गया। विशेष उपकरणों और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से पानी के भीतर खोज और बचाव अभियान कैसे चलाया जाता है, इसका विस्तार से अभ्यास किया गया।
घर में जीवनरक्षक उपाय
मॉक ड्रिल के दौरान यह भी सिखाया गया कि बाढ़ के समय घर में साधारण वस्तुओं से जीवनरक्षक उपाय कैसे तैयार किए जा सकते हैं। जैसे प्लास्टिक की बोतलों, ट्यूब या थर्माकोल की मदद से अस्थायी लाइफ जैकेट या फ्लोटिंग डिवाइस बनाना। इन उपायों से तब तक खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है जब तक बचाव दल मदद के लिए न पहुंच जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी
इस मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल के जरिए बचाव दल की तैयारी और जनता की जागरूकता दोनों को मजबूत किया जा सकता है। ऐसे अभ्यास से वास्तविक आपदा के समय हताहतों की संख्या कम की जा सकती है।
जनता को संदेश
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान घबराने की बजाय सतर्क और तैयार रहें। मॉक ड्रिल के दौरान बताई गई तकनीकों और उपायों को अपनाकर संकट की घड़ी में अपने और दूसरों के जीवन की रक्षा की जा सकती है।
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